20 नवम्बर अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस पर विशेष

20 नवम्बर अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस है। वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र संघ घोषणा पत्र के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि सर्वप्रथम हम स्थानीय स्तर पर बच्चों के प्रति संवेदनशील हो। 1924 में पहली बार जिनेवा में लीग ऑफ नेशन ने अन्तराष्ट्रीय कानून के तहत बाल अधिकारों को मान्यता देते हुए बच्चों को एक स्वतंत्र ईकाई माना। साथ ही उस परम्परा को तोड़ने वाला समझौता किया जिसमें बच्चों को उनके पिता की सम्पत्ति माना जाता था। तब तक बच्चों पर जिम्मेदारियों का बोझ तो होता था परन्तु उन्हें अधिकार नहीं थे। मतलब साफ है कि बीसवीं सदी के शुरूआती सालो से ही बच्चों और उनके अधिकारों को मानव विकास का अहम् हिस्सा मानने की पहल शुरू हुई परन्तु 90 वर्ष गुजर जाने के बाद भी व्यवहार के स्तर पर यह पहल पूरी तरह से परिपक्व नहीं हो पाई है।

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सचिन कुमार जैन 

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