वादों से नहीं होगा प्रदेश का विकाश

मध्यप्रदेश में विकास कि गति बढ़ाने कि दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा सरकार के वादों कि फेहरिस्त पर अगर नजर दौड़ाई जाए, तो स्पष्ट है कि विकास सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गया है| ११वी पंचवर्षीय योजना के पहले तीन वर्षों में |