मध्यप्रदेश बजट पर एक नज़र-2018-2019

मसला केवल आवंटन की विसंगति का नहीं, सोच और नियत का है!

मध्यप्रदेश सरकार - 1.870 लाख करोड़ का बजट, 1.875 लाख करोड़ का कर्जा 

क़र्ज़ - कर्जे में डूबते जाना विकास की परिभाषा का मुख्य मानक बन गया है. वर्ष 2018-19 के मध्यप्रदेश के बजट में सरकार का कुल वास्तविक व्यय 1.87 लाख करोड़ रूपए होने वाला है. राज्य सरकार इसमें से 25342 करोड़ रूपए का व्यय केवल क़र्ज़ का ब्याज चुकाने में करने वाली है. किसी एक मद पर होने वाला यह सबसे बड़ा व्यय है. वर्ष 2018-19 के बजट के अनुमानों के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार पर कुल क़र्ज़ 1.875 लाख करोड़ रूपए है.

प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन 25500 रूपए का कर्जा है. इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का कुल बजट और क़र्ज़ की राशि बराबर हो गई है. वर्ष 2010-11 की स्थिति में राज्य सरकार पर 69259 करोड़ रूपए का क़र्ज़ था, यानी 9 सालों में क़र्ज़ में लगभग तीन गुना की वृद्धि हो चुकी है. यह जान लेना जरूरी है कि नए कर्जे की राशि को जोड़कर सरकार ने इस साल अपना बजाय 2.04 लाख करोड़ रूपए बताया है.

                                    मध्यप्रदेश सरकार पर क़र्ज़ की स्थिति – करोड़ रूपए में

 

2015-वास्तविक

2016-वास्तविक

2017-वास्तविक

2018 – पुनरीक्षित अनुमान

2019-बजट अनुमान

बाज़ार से क़र्ज़  

43149.92

56140.65

70691.64

88491.64

107696.6

भारत सरकार से क़र्ज़

13253.83

13668.01

13917.1

15340

18100.19

कुल क़र्ज़

94979.16

111101.1

136804.5

160871.9

187636.4

इस साल सरकार व्यवस्था को चलाने के लिए लगभग 12500 करोड़ रूपए का क़र्ज़ चुकायेगी, किन्तु 37840 करोड़ रूपए का नया कर्जा भी लेगी. यह एक गंभीर संकेत है कि पिछले दो वित्तीय वर्षों (2016 और 2017) में मध्यप्रदेश सरकार ने ब्याज चुकाने में ही 47564 करोड़ रूपए खर्च किये हैं. बहरहाल सरकार हमेशा कहती है कि कर्जे लेने में कोई बुराई नहीं है, जब हम विकास करते हैं, तब क़र्ज़ तो लेना ही पड़ता है. जब सरकार यह मानने को ही तैयार नहीं है कि सही समतामूलक और समावेशी विकास के सिद्धांत में विश्वास रखकर हमें अपनी विकास की मौजूदा परिभाषा ही बदलने की जरूरत है ताकि हम क़र्ज़ के जाल ने निकल सकें. सरकार को बुरा नहीं लगता होगा, किन्तु समाज को अन्यायपूर्ण करों के बोझ तले दब कर मारना दुःख देता है.

विकास संवाद,संकेत 
प्रकाशित-  फ़रवरी 2018

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