कुपोषण का दीमक

पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है पिछले तीन सालों में सरकार कुपोषण का कलंक धोने के नाम पर करीब 15 सौ करोड रुपये से अधिक विभिन्न योजनाओ पर खर्च कर चुकी है .........